भगवान गणेश को हर मंगल कार्य से पूर्व पूजनीय माना जाता है। गजबदन विनायक की आरती गणेश जी की महिमा का गान करती है और उनके भक्तों को शांति, बुद्धि और सफलता का आशीर्वाद प्रदान करती है। इसे गाने से मन में भक्ति भाव जागृत होता है और जीवन में सुख-शांति आती है।

आरती – गजबदन विनायक की
आरती गजबदन विनायककी। सुर-मुनि-पूजित गणनायककी॥
आरती गजबदन विनायककी। सुर-मुनि-पूजित गणनायककी॥
आरती गजबदन विनायककी॥
एकदन्त शशिभाल गजानन, विघ्नविनाशक शुभगुण कानन।
शिवसुत वन्द्यमान-चतुरानन, दुःखविनाशक सुखदायक की॥
आरती गजबदन विनायककी॥
ऋद्धि-सिद्धि-स्वामी समर्थ अति, विमल बुद्धि दाता सुविमल-मति।
अघ-वन-दहन अमल अबिगत गति, विद्या-विनय-विभव-दायककी॥
आरती गजबदन विनायककी॥
पिङ्गलनयन, विशाल शुण्डधर, धूम्रवर्ण शुचि वज्रांकुश-कर।
लम्बोदर बाधा-विपत्ति-हर, सुर-वन्दित सब विधि लायककी॥
आरती गजबदन विनायककी॥
🌸 आरती का महत्व
- यह आरती भगवान गणेश के चारों रूपों और गुणों का वर्णन करती है।
- इसे करने से बुद्धि, विवेक और सफलता की प्राप्ति होती है।
- जीवन की बाधाएँ और कठिनाइयाँ दूर होती हैं।
- भक्ति भाव से आरती करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
🌺 FAQ
यह आरती किस भगवान को समर्पित है?
यह भगवान गणेश को समर्पित है।
आरती गाने का सर्वोत्तम समय क्या है?
सुबह, शाम पूजा के समय या किसी भी शुभ अवसर पर।
आरती का लाभ क्या है?
इसे करने से मानसिक शांति, बुद्धि में वृद्धि और जीवन में सुख-शांति मिलती है।
