About Us
हम कौन हैं
हम वैदिक मार्ग और स्वर सनातन मंच से जुड़े एक ऐसे समर्पित और आस्थावान समूह हैं, जो स्वयं को किसी औपचारिक संस्था या व्यवसायिक संगठन के रूप में नहीं, बल्कि धर्मनिष्ठ परिवार के रूप में देखते हैं। हमारी जड़ें सनातन की उन पवित्र परंपराओं में हैं, जो युगों से ऋषियों, मुनियों और आचार्यों द्वारा पोषित और संरक्षित की जाती रही हैं।

वेदसम्मत रीति ही हमारी सनातन पहचान है।
हमारा मूल उद्देश्य है —
✦ धर्म और अध्यात्म के शुद्धतम स्वरूप को जीवित रखना।
✦ अनुष्ठानों और कर्मकांडों को वेदसम्मत रीति से संपन्न करना।
✦ हर व्यक्ति तक यह संदेश पहुँचाना कि धर्म आडंबर का नहीं, श्रद्धा और साधना का विषय है।
हमारे आचार्य और साधक
हमसे जुड़े प्रत्येक आचार्य, गुरु, शिक्षक, पंडित और शास्त्री —
- वैदिक अनुशीलन और संस्कारों से परिपूर्ण हैं।
- उच्च संस्कारों से परिपूर्ण हैं।
- चरित्र, साधना और आचरण में दृढ़स्थ हैं।
- सनातन परंपरा को आत्मसात कर समाज में उसका प्रसार कर रहे हैं।
हमारे आचार्यगण विविध भूमिकाओं में समाज को समृद्ध कर रहे हैं।
- कोई शिक्षा जगत में अपने शिष्यत्व और विद्वता से समाज को समृद्ध कर रहे हैं।
- कोई व्यक्तिगत साधना और अध्यात्म के मार्ग पर स्थित होकर जीवन को धर्ममय बना रहे हैं।
- और कुछ लोककल्याण हेतु अनुष्ठानों, कथाओं, यज्ञों व संस्कारों को वेदसम्मत रीति से संपन्न कर तथा करा रहे हैं।
सभी शास्त्री एवं आचार्य परंपरागत विद्या, संस्कार और साधना से परिपूर्ण हैं। यही हमारे समूह की सबसे बड़ी पूँजी और वास्तविक धरोहर है।
हमारा यह विश्वास है कि धर्म केवल पूजा-पाठ या अनुष्ठान तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन जीने का एक अनुशासित और पवित्र मार्ग है। धर्म का सार है — निस्वार्थ भाव, त्याग, कृतज्ञता और सत्य के प्रति निष्ठा।
हम क्या नहीं हैं
हम न तो कोई व्यावसायिक संस्था हैं, न ही किसी प्रकार की सत्ता, पद या लाभ की आकांक्षा रखते हैं।
हम केवल उन साधकों और धर्मावलंबियों का समूह हैं जो सनातन परंपरा के सच्चे अनुयायी हैं।
🔹 हमारे लिए धर्म कमाई का साधन नहीं, बल्कि जीवन जीने की साधना है।
🔹 हमारे लिए कर्मकांड व्यापार नहीं, बल्कि श्रद्धा और सम्मान का निर्वाह है।
सार
हम स्वयं को एक परिवार मानते हैं — ऐसा परिवार जो वेदसम्मत रीति, धर्म-संस्कार और गुरु-शिष्य परंपरा की मर्यादाओं से बंधा हुआ है।
यदि आप हमारे साथ जुड़ते हैं, तो आप किसी संस्था से नहीं, बल्कि धर्मनिष्ठ आस्थावानों के एक परिवार से जुड़ते हैं, जहाँ उद्देश्य केवल एक है — सनातन धर्म की पवित्र परंपरा को जीवित रखना और श्रद्धा के साथ आगे बढ़ाना।
आइए, हम सब मिलकर श्रद्धा, संस्कार और वेदसम्मत परंपरा के इस दीप को और प्रज्वलित बनाये रखें।
