पितृ पक्ष में श्राद्ध कर्म के दौरान देव पूजा का विधान
पितृ पक्ष में श्राद्ध कर्म के दौरान देव पूजा की शास्त्रीय प्रामाणिकता क्या है पितृ पक्ष में देव पूजा का...
पितृ पक्ष में श्राद्ध कर्म के दौरान देव पूजा की शास्त्रीय प्रामाणिकता क्या है पितृ पक्ष में देव पूजा का...
नवरात्रि साधना का महत्व – वैदिक परंपरा के आधार पर भारत की संस्कृति में नवरात्रि साधना का विशेष स्थान है।...
माता अन्नपूर्णा, जो काशी (वाराणसी) की अधिष्ठात्री देवी और जगत को अन्न प्रदान करने वाली शक्ति हैं, उनकी स्तुति शंकराचार्य...
भगवान गणेश को हर मंगल कार्य से पूर्व पूजनीय माना जाता है। गजबदन विनायक की आरती गणेश जी की महिमा...
हिंदू धर्म में भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, बुद्धि के दाता और मंगल कार्यों के प्रथम पूज्य देवता के रूप में...
संतान सप्तमी व्रत : मातृत्व की शक्ति और संतान सुख की साधना हिन्दू धर्म में संतान को जीवन की सबसे...
जटायुकृतं रामस्तोत्रम् अगणितगुणमप्रमेयमाद्यं सकलजगत्स्थितिसंयमादिहेतुम् ।उपरमपरमं परात्मभूतं सततमहं प्रणतोऽस्मि रामचन्द्रम् ॥ १॥ निरवधिसुखमिन्दिराकटाक्षं क्षपितसुरेन्द्रचतुर्मुखादिदुःखम् ।नरवरमनिशं नतोऽस्मि रामं वरदमहं वरचापबाणहस्तम् ॥ २॥...
श्रीरामस्तवराजः श्रीरामचन्द्रं नयनाभिरामं राजीवनेत्रं जनकात्मजेशम् ।अनन्तलावण्यगुणैकधाम स्वकीयचित्ते नितरां स्मरामि ॥ १॥ वातात्मजाऽऽराधितपादपद्मं नित्यं प्रसन्नं बुधवृन्दवन्द्यम् ।अशेषदेवैः समुपासनीयं श्रीरामचन्द्रं हृदि भावयामि...
श्रीरामप्रातःस्मरणम् श्रीरामपञ्चकम् प्रातः स्मरामि रघुनाथमुखारविन्दंमन्दस्मितं मधुरभाषि विशालभालम् ।कर्णावलम्बिचलकुण्डलशोभिगण्डंकर्णान्तदीर्घनयनं नयनाभिरामम् ॥ १॥ प्रातर्भजामि रघुनाथकरारविन्दंरक्षोगणाय भयदं वरदं निजेभ्यः ।यद्राजसंसदि विभज्य महेशचापंसीताकरग्रहणमङ्गलमाप सद्यः...
जब राम ने समुद्र से संवाद किया कल्पना कीजिए…लंका पहुँचने से पहले राम की सेना समुद्र तट पर आकर ठहर...