Shri Shivstuti in Marathi | तुजवीण शंभो मज कोण तारी
श्री शिवस्तुति कैलासराणा शिवचंद्रमौळी ।फणींद्र माथां मुकुटीं झळाळी ।कारुण्यसिंधू भवदुःखहारी ।तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ १ ॥ रवींदु दावानल...
श्री शिवस्तुति कैलासराणा शिवचंद्रमौळी ।फणींद्र माथां मुकुटीं झळाळी ।कारुण्यसिंधू भवदुःखहारी ।तुजवीण शंभो मज कोण तारी ॥ १ ॥ रवींदु दावानल...
माँ दुर्गा केवल शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि सभी दुखों और कष्टों को हरने वाली दैवीय माता हैं। उनके भक्तों...
नवरात्रि के पावन अवसर पर माँ दुर्गा के नवरूपों का स्मरण, केवल धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं, बल्कि जीवन के अंधकार...
श्रीरामस्तवराजः श्रीरामचन्द्रं नयनाभिरामं राजीवनेत्रं जनकात्मजेशम् ।अनन्तलावण्यगुणैकधाम स्वकीयचित्ते नितरां स्मरामि ॥ १॥ वातात्मजाऽऽराधितपादपद्मं नित्यं प्रसन्नं बुधवृन्दवन्द्यम् ।अशेषदेवैः समुपासनीयं श्रीरामचन्द्रं हृदि भावयामि...
जटायू का मोक्ष और श्रीराम की दिव्य स्तुति रामचरितमानस का अरण्यकाण्ड केवल वनवास का वर्णन नहीं करता, यह करुणा, धर्म...
श्रीराम स्तुति – जय राम रूप अनूप जय राम रूप अनूप निर्गुन सगुन गुन प्रेरक सही।दससीस बाहु प्रचंड खंडन चंड...
राम स्तुति – नमामि भक्त वत्सलं नमामि भक्त वत्सलं। कृपालु शील कोमलं ॥भजामि ते पदांबुजं। अकामिनां स्वधामदं ॥ निकाम श्याम...
राम स्तुति – जय राम रमारमणम् शमनम् उत्तरकाण्डश्रीराम के राज्याभिषेक के पश्चात् स्तुति जय राम रमारमणम् शमनम् । भव ताप...
राम स्तुति – मुनि सुतीक्ष्ष्ण द्वारा अरण्यकाण्डमुनि सुतीक्ष्ष्ण द्वारा स्तुति कह मुनि प्रभु सुन बिनती मोरी । अस्तुति करौं कवन...
राम स्तुति – नमामि भक्त वत्सलम् अरण्यकाण्डअत्रि मुनि द्वारा स्तुति नमामि भक्त वत्सलम् । कृपालु शील कोमलम् ॥भजामि ते पदांबुजम्...