माता शक्ति की आरती: शक्ति, साहस और सफलता का मार्ग
क्या आप जीवन में शक्ति, साहस और सफलता पाना चाहते हैं? तो आइए, हम सब मिलकर देवी शक्ति की महिमा को प्रणाम करें। शक्ति माता, जिन्हें दुर्गा, काली, चंडिका और भवानी जैसे अनेक नामों से जाना जाता है, ब्रह्मांड की सर्वोच्च शक्ति का प्रतीक हैं। उनका गुणगान करना और उनकी आरती उतारना, हमें न केवल आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करता है, बल्कि जीवन की हर चुनौती का सामना करने का बल भी देता है।
आज हम उसी अद्भुत आरती के भावों को समझेंगे, जो हमें मां की असीम कृपा और शक्ति का एहसास कराती है।

शक्ति माता की आरती
आइए हम शक्ति माता की उतारें आरती ।
भैरवी भी भक्ति से दिनरात चरण पखारती ॥
आइए हम शक्ति माता की उतारें आरती ।
आइए हम शक्ति माता की उतारें आरती ।
संग हैं विजया जया का रक्त धारा बह रही ।
लोक मंगल के लिए मां कष्ट भारी सह रहीं ॥
सिर हथेली पर सदा रख भक्तगण को तारती ।
आइए हम शक्ति माता की उतारें आरती ॥
शक्ति मंडित रक्त-रंजित हस्त दो तन श्याम है ।
शक्ति माता नाम जिनका दिव्य मंगल धाम है ॥
जो भवानी दुष्ट दैत्यों को सदा संहारती ।
आइए हम शक्ति माता की उतारें आरती ॥
जो सती दुर्गा प्रचण्डा चण्डिका भुवनेश्वरी ।
सत्व रजतम रूपिणी जय अम्बिका अखिलेश्वरी ॥
जो कराली कालिका हैं और कमला भारती ।
आइए हम शक्ति माता की उतारें आरती ॥
आइए मां की शरण में और माथा टेकिए ।
दीनता दारिद्र दुख को दूर वन में फेंकिए ॥
भक्त के कल्याण में जननी कहां कब हारती ।
आइए हम शक्ति माता की उतारें आरती ॥
शक्ति माता की आरती का महत्व
शक्ति माता की आरती सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली प्रार्थना है जो कई मायनों में हमारे जीवन को प्रभावित करती है:
- सकारात्मक ऊर्जा का संचार: इस आरती का पाठ करने से हमारे भीतर एक नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार होता है। यह हमें जीवन की नकारात्मक शक्तियों से लड़ने की प्रेरणा देती है।
- आध्यात्मिक शुद्धि: जब हम भक्ति भाव से मां की आरती करते हैं, तो हमारा मन शुद्ध होता है। यह हमें अहंकार, लोभ और क्रोध जैसी बुराइयों से दूर रखता है।
- साहस और निर्भीकता: मां शक्ति को सर्वोच्च साहस का प्रतीक माना जाता है। उनकी आरती करने से हमें हर चुनौती का सामना करने की हिम्मत मिलती है।
- मनोकामना पूर्ति: यह माना जाता है कि जो भक्त सच्चे मन से मां की आरती करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और मां उसकी हर विपत्ति में रक्षा करती हैं।
आरती का पाठ करने के अन्य उपयोगी कर्म
- दीपक और कपूर: आरती करते समय घी का दीपक और कपूर जलाना शुभ माना जाता है। इससे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
- घंटी और शंख: आरती के समय घंटी और शंख बजाने से ध्वनि तरंगें वातावरण को शुद्ध करती हैं और मन को एकाग्र करती हैं।
- पूरी एकाग्रता से: आरती का पूरा लाभ पाने के लिए, इसे पूरे मन और एकाग्रता के साथ करना चाहिए। आरती के शब्दों और उनके अर्थों पर ध्यान केंद्रित करें।
- नियमित अभ्यास: यदि आप रोज सुबह-शाम मां की आरती गान करते हैं, तो आपको निश्चित रूप से मानसिक शांति और शक्ति का अनुभव होगा।
इस आरती के माध्यम से हम मां शक्ति की असीम कृपा और शक्ति का अनुभव करते हैं।
