अनुष्ठान और सेवाएँ
धर्म आत्मा का संकल्प है।
हमारा उद्देश्य है कि प्रत्येक पूजा, यज्ञ, कथा या संस्कार शुद्ध वैदिक विधि से संपन्न हो, ताकि जीवन में शांति, संतुलन और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो।
हम वेदसम्मत विधि और शुद्ध आचार-संहिताओं के आधार पर पूजा, अनुष्ठान, संस्कार और आध्यात्मिक परामर्श देते हैं।
हमारा संकल्प है कि हर कार्य केवल श्रद्धा, शास्त्र और सत्य मार्ग पर आधारित हो — न कि आडंबर पर।
श्रद्धा से जुड़ें, आडंबर से नहीं — यही हमारा मंत्र है।
आपके घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि लाना ही हमारी सेवा का उद्देश्य है।

प्रमुख वैदिक अनुष्ठान और उनके उद्देश्य
१. यज्ञ (Yajna)
यज्ञ केवल अग्निहोत्र नहीं, बल्कि पर्यावरण शुद्धि, मानसिक शांति और ऊर्जा का स्रोत है।
✦ इससे वातावरण में दिव्यता और पवित्रता का संचार होता है।
✦ यह रोग-निवारण, मनोबल-वृद्धि और पारिवारिक सुख-शांति का कारक है।
२. हवन (Havan)
हवन अग्नि और मंत्रों के संयोग से किया जाने वाला शुद्धिकरण कर्म है।
✦ इससे नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश होता है।
✦ घर और मन में शुद्धता एवं सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
३. गृह प्रवेश संस्कार (Griha Pravesh)
नए घर में प्रवेश करते समय किया जाने वाला संस्कार।
✦ यह वास्तु दोष निवारण और घर में सुख-समृद्धि के लिए आवश्यक है।
✦ घर में शांति, ऐश्वर्य और मंगल का स्थायी निवास होता है।
४. विवाह संस्कार (Vivaha Sanskar)
विवाह केवल सामाजिक बंधन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मिलन है।
✦ पति-पत्नी के बीच धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के मार्ग में सहयात्री बनने का संकल्प।
✦ गृहस्थ जीवन में धर्म, प्रेम और संतुलन की स्थापना।
५. नामकरण संस्कार (Naamkaran)
शिशु का नाम वैदिक रीति से रखा जाता है।
✦ नाम केवल पहचान नहीं, बल्कि ऊर्जा और संस्कार का वाहक होता है।
✦ यह शिशु के उज्ज्वल भविष्य और स्वस्थ जीवन का आधार है।
६. उपनयन संस्कार (Upanayan / Janeu Sanskar)
यह ब्रह्मचर्य आश्रम में प्रवेश का संस्कार है।
✦ बालक को वेदाध्ययन और शास्त्रज्ञान का अधिकारी बनाता है।
✦ जीवन में अनुशासन, संयम और आध्यात्मिक मार्गदर्शन देता है।
७. श्राद्ध एवं तर्पण (Shraddha & Tarpan)
पितरों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने और उनके आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु।
✦ इससे पितरों की आत्मा की शांति और तृप्ति होती है।
✦ कुल-परिवार में शांति, समृद्धि और उन्नति बनी रहती है।
८. अन्य अनुष्ठान
- सत्यनारायण कथा एवं पाठ – पारिवारिक सुख-शांति हेतु।
- मंगलदोष निवारण / ग्रहशांति अनुष्ठान – ग्रह पीड़ा और दोष शांति हेतु।
- विशेष यज्ञ (रुद्राभिषेक, चंडीपाठ, विष्णु सहस्रनाम पाठ आदि) – लोककल्याण और व्यक्तिगत शांति हेतु।
गृह एवं वास्तु संबंधी पूजा
- गृह प्रवेश पूजा
- भूमि पूजन (शिलान्यास)
- वास्तु शांति पूजा
- वाहन पूजन
जन्म एवं बाल्य संस्कार
- जातकर्म संस्कार
- नामकरण संस्कार
- अन्नप्राशन संस्कार (पहली बार अन्न ग्रहण)
- कर्णवेध संस्कार (कान छेदन)
- चूड़ाकर्म (मुंडन संस्कार)
शिक्षा एवं दीक्षा संस्कार
- उपनयन (जनेऊ संस्कार)
- गुरु दीक्षा
विवाह एवं पारिवारिक पूजा
- विवाह संस्कार
- सगाई / वाग्दान
- वर्षगांठ पूजा
ज्योतिष सेवाएँ
- जन्मकुंडली निर्माण
- ग्रहदशा एवं गोचर परामर्श
- विवाह, करियर, स्वास्थ्य परामर्श
- दोष निवारण उपाय
ग्रह एवं दोष निवारण पूजा
- नवग्रह शांति पूजा
- मंगल दोष पूजन
- शनि शांति पूजन
- राहु-केतु शांति पूजन
- कालसर्प दोष निवारण पूजा
- पितृ दोष निवारण (नारायणबली, त्रिपिंडी आदि)
यज्ञ एवं हवन
- गृह शांति हवन
- पुत्रेष्ठी हवन
- दुर्गा सप्तशती पाठ एवं हवन
- रुद्राभिषेक एवं महा मृत्युंजय जाप-हवन
- लक्ष्मी नारायण यज्ञ
- विश्वशांति यज्ञ
पर्व एवं व्रत विशेष पूजा
- गणेश चतुर्थी पूजन
- नवरात्रि पूजा एवं दुर्गा सप्तशती पाठ
- शिवरात्रि पूजा एवं रुद्राभिषेक
- जन्माष्टमी पूजन
- रामनवमी पूजन
- कार्तिक माह विशेष पूजा (दीपदान, तुलसी विवाह आदि)
- व्रत कथा एवं पूजन (सत्यनारायण कथा, तीज, पूर्णिमा कथा आदि)
अन्य वैदिक अनुष्ठान पूजन व यज्ञ
रामायण कथा

भागवत कथा

यज्ञ एवं हवन

धार्मिक अनुष्ठान

ज्योतिष परामर्श

कुंडली निर्माण

नवग्रह पूजन

महामृत्युंजय जाप

पूजन व संस्कार

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